शिव शंकर डमरू धारी, है जग के आधार लिरिक्स

    शिव भजन संग्रह लिरिक्स

    शिव शंकर डमरू धारी, है जग के आधार लिरिक्स

    शिव शंकर डमरू धारी, है जग के आधार लिरिक्स

    शिव शंकर डमरू धारी,
    है जग के आधार,
    तीनो लोक पे रहता है,
    उनका ही अधिकार,
    शिव शंकर डमरू धारीं,
    है जग के आधार ।।

    शिव शंकर डमरू धारी,
    है जग के आधार,
    तीनो लोक पे रहता है,
    उनका ही अधिकार,
    शिव शंकर डमरू धारीं,
    है जग के आधार ।।

    शिवजी ही सृष्टि संचालक है,
    शिवजी कण कण में व्यापक है,
    ये शिव शंकर कैलाशी है,
    ये शिवजी काशीवासी है,
    इनके हाथों में है त्रिभुवन,
    सब देवों पर इनका शासन,
    ये भोले जो है शिव शंकर ।।

    सब करते हैं इनका आदर,
    महादेव शिव भोले है,
    देवों के सरदार,
    शिव शंकर डमरू धारीं,
    है जग के आधार ।।

    शिव का सिमरन है फलदाई,
    शिव का सिमरन है सुखदाई,
    शिव जाप से शांति मिलती है,
    शिव जाप से मुक्ति मिलती है,
    शिव भोले बड़े दयालु है,
    शिव भोले बड़े कृपालु है ।।

    भक्तों पे मेहर वो करते हैं,
    शिव झोलिया सबकी भरते है,
    शिव के जैसा कोई नहीं,
    दानी और दातार,
    शिव शंकर डमरू धारीं,
    है जग के आधार ।।

    वो निर्धन हो या कोई धनी,
    इस बात से फर्क नहीं कोई,
    वो रंक हो या कोई राजा,
    यहा कोई नहीं है छोटा बड़ा,
    शिव की जो शरण में आते है ।।

    वो कभी निराश ना जाते है,
    शिव सब पे करते हैं कृपा,
    मिलता है सबको प्यार उनका,
    महाकाल महादेव जी है,
    सब के तारणहार,
    शिव शंकर डमरू धारीं,
    है जग के आधार ।।

    जीवन मृत्यु के अधिकारी,
    है यही तो भोले भंडारी,
    है मोक्ष के दाता शिव शंकर,
    है जगत पिता ये नागेश्वर,
    भोले ही भाग्य विधाता है ।।

    शिव सर्व गुणी है ज्ञाता है,
    शिव सिमरन से हर पाप धुले,
    शिव की इच्छा से स्वर्ग मिले,
    शिव के एक इशारे पर,
    खुलते मोक्ष के द्वार,
    शिव शंकर डमरू धारीं,
    है जग के आधार ।।

    जब अंत समय आ जाता है,
    और जीव बहुत घबराता है,
    जब प्राण पखेरू उड़ता है,
    जीवन मृत्यु से जुड़ता है,
    निर्जीव हो जाती है काया,
    मंडराती है मृत्यु छाया,
    तब शिव ही सहारा देते है ।।

    नैय्या को किनारा देते है,
    भवसागर से नैय्या को,
    शिव ही लगाते पार,
    शिव शंकर डमरू धारीं,
    है जग के आधार ।।

    हम भोले भक्त तुम्हारे है,
    हम मांगते आए द्वारे है,
    हे महादेव हे शिव शंकर,
    कुछ दया करो हम दुखियों पर,
    हम सब दुख दर्द के मारे है,
    हम आए द्वार तुम्हारे है ।।

    अरदास है तुमसे बस इतनी,
    सुन लो अ भोले भंडारी,
    हम पर भी कृपा करना,
    हे जग के करतार,
    शिव शंकर डमरू धारीं,
    है जग के आधार ।।

    शिव शंकर डमरू धारी,
    है जग के आधार,
    तीनो लोक पे रहता है,
    उनका ही अधिकार,
    शिव शंकर डमरू धारीं,
    है जग के आधार ।।


    Shiv Shankar Damru Wale Bhajan Lyrics in English

    Shiv Shankar damru dhaari,
    Hai jag ke aadhaar,
    Teeno lok pe rehta hai,
    Unka hi adhikaar,
    Shiv Shankar damru dhaari,
    Hai jag ke aadhaar.

    Shivji hi srishti sanchaalak hai,
    Shivji kan-kan mein vyaapak hai,
    Ye Shiv Shankar Kailaashi hai,
    Ye Shivji Kaashi-vaasi hai,
    Inke haathon mein hai tribhuvan,
    Sab devon par inka shaasan,
    Ye Bhole jo hai Shiv Shankar.

    Sab karte hain inka aadar,
    Mahadev Shiv Bhole hai,
    Devon ke sardar,
    Shiv Shankar damru dhaari,
    Hai jag ke aadhaar.

    Shiv ka simran hai phal-daayi,
    Shiv ka simran hai sukh-daayi,
    Shiv jaap se shaanti milti hai,
    Shiv jaap se mukti milti hai,
    Shiv Bhole bade dayaalu hai,
    Shiv Bhole bade kripalu hai.

    Bhakton pe mehr wo karte hain,
    Shiv jholiya sabki bharte hain,
    Shiv ke jaisa koi nahin,
    Daani aur daataar,
    Shiv Shankar damru dhaari,
    Hai jag ke aadhaar.

    Woh nirdhan ho ya koi dhani,
    Is baat se farq nahin koi,
    Woh rank ho ya koi raaja,
    Yahan koi nahin hai chhota bada,
    Shiv ki jo sharan mein aate hain.

    Woh kabhi niraash na jaate hain,
    Shiv sab pe karte hain kripaa,
    Milta hai sabko pyaar unka,
    Mahakaal Mahadev ji hai,
    Sab ke taaranhaar,
    Shiv Shankar damru dhaari,
    Hai jag ke aadhaar.

    Jeevan-mrityu ke adhikaari,
    Hai yahi to Bhole Bhandari,
    Hai moksh ke daata Shiv Shankar,
    Hai jagat pita ye Naageshwar,
    Bhole hi bhaagya vidhaata hai.

    Shiv sarv guni hai, gyaata hai,
    Shiv simran se har paap dhule,
    Shiv ki ichchha se swarg mile,
    Shiv ke ek ishaare par,
    Khulte moksh ke dvaar,
    Shiv Shankar damru dhaari,
    Hai jag ke aadhaar.

    Jab ant samay aa jaata hai,
    Aur jeev bahut ghabraata hai,
    Jab praan pakheru udta hai,
    Jeevan-mrityu se judta hai,
    Nirjeev ho jaati hai kaaya,
    Mandraati hai mrityu chhaaya,
    Tab Shiv hi sahaara dete hain.

    Naiyya ko kinaara dete hain,
    Bhavsagar se naiyya ko,
    Shiv hi lagaate paar,
    Shiv Shankar damru dhaari,
    Hai jag ke aadhaar.

    Hum Bhole bhakt tumhaare hain,
    Hum maangte aaye dvaare hain,
    Hey Mahadev hey Shiv Shankar,
    Kuch daya karo hum dukhiyon par,
    Hum sab dukh dard ke maare hain,
    Hum aaye dvaar tumhaare hain.

    Ardaas hai tumse bas itni,
    Sun lo hey Bhole Bhandari,
    Hum par bhi kripaa karna,
    Hey jag ke kartaar,
    Shiv Shankar damru dhaari,
    Hai jag ke aadhaar.

    Shiv Shankar damru dhaari,
    Hai jag ke aadhaar,
    Teeno lok pe rehta hai,
    Unka hi adhikaar,
    Shiv Shankar damru dhaari,
    Hai jag ke aadhaar.


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    🙏 "शिव शंकर डमरू धारी" भजन – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs हिंदी में)

    प्रश्न 1: "शिव शंकर डमरू धारी, है जग के आधार" भजन किस देवता को समर्पित है?

    उत्तर: यह भजन भगवान शिव (महादेव) को समर्पित है, जिन्हें डमरू धारी और त्रिलोकीनाथ कहा जाता है।


    प्रश्न 2: इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

    उत्तर: भजन का संदेश है कि भगवान शिव ही सृष्टि के आधार, मृत्यु और मोक्ष के स्वामी तथा सभी लोकों के अधिपति हैं।


    प्रश्न 3: क्या "शिव शंकर डमरू धारी" भजन में मृत्यु और मोक्ष का उल्लेख है?

    उत्तर: हाँ, भजन में बताया गया है कि शिवजी मृत्यु के समय सहारा देते हैं और भक्तों को मोक्ष प्रदान करते हैं।


    प्रश्न 4: इस भजन को कौन गा सकता है?

    उत्तर: यह एक भक्ति गीत है जिसे कोई भी शिवभक्त श्रद्धा के साथ गा सकता है, विशेष रूप से पूजा, आरती या शिवरात्रि के अवसर पर।


    प्रश्न 5: क्या यह भजन हिंदी और रोमन दोनों लिपियों में उपलब्ध है?

    उत्तर: जी हाँ, यह भजन हिंदी (देवनागरी) और अंग्रेज़ी (Romanized) दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध है।


    प्रश्न 6: इस भजन में भगवान शिव के कौन-कौन से रूपों का वर्णन है?

    उत्तर: भजन में भगवान शिव को कैलाशी, काशीवासी, भोले भंडारी, महाकाल, नागेश्वर और मोक्षदाता के रूप में वर्णित किया गया है।


    प्रश्न 7: क्या "शिव शंकर डमरू धारी" भजन भक्तों को मानसिक शांति देता है?

    उत्तर: हाँ, यह भजन शिवजी के स्मरण और भक्ति के माध्यम से मन को शांति और श्रद्धा से भर देता है।


    प्रश्न 8: क्या इस भजन में सामाजिक समानता का भी संदेश है?

    उत्तर: हाँ, भजन में कहा गया है कि शिवजी के लिए राजा और रंक सभी समान हैं, वह सभी पर कृपा करते हैं।


     

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