Hojya Hoshiyaar Guraji Ke Sharane Lyrics | होज्या होशियार गुरांजी के शरणै
श्री रति नाथजी भजन लिरिक्स लिखित में
Hojya Hoshiyaar Guraji Ke Sharane Lyrics | होज्या होशियार गुरांजी के शरणै, दिल साबत फिर डरना क्या
होज्या होशियार गुरांजी के शरणै,
दिल साबत फिर डरना क्या ॥टेर॥
करमन खेती धणियाँ सेती, रात दिनां बीच सोवणा क्या ।
आवेगा हंसला चुग जायेगा मोती, कण बिन मण निपजाओगा क्या ॥1॥
कांशी पीतल सोना हो गया, पता चल्या गुरु पारस का ।
घर चेतन के पहरा दे ले, जाग – जाग नर सोना क्या ॥2॥
नौ सौ नदियाँ निवासी नाला, खार समुद्र जल डूंगा क्या ।
सुषमण होद भर्या घट भीतर, नाडूल्याँ में न्हाणा क्या ॥3॥
चित चौपड़ का खेल रच्या है, रंग ओलख ल्यो स्यारन का ।
गुरु गम पासा हाथ लग्या फिर, जीती बाजी हारो क्या ॥4॥
रटले रे बंदा अलखजी री वाणी, हर ने लिख्या सो मिटना क्या ।
शरण मच्छेन्द्र जती गोरक्ष बोल्या, समझ पड़ी फिर डिगना क्या ॥5॥
Hojya hoshiyaar Guranji ke sharanai Bhajan Lyrics In English
Hojya hoshiyaar Guranji ke sharanai,
Dil saabat phir darna kya. (Ter)
Karman kheti dhaniya seti, raat dinaan beech sovna kya.
Aavega hansla chug jaayega moti, kan bin man nipjaayega kya. (1)
Kaanshi peetal sona ho gaya, pata chalya guru paaras ka.
Ghar chetan ke pahra de le, jaag – jaag nar sona kya. (2)
Nau sau nadiyan nivaasi naala, khaar samundar jal doonga kya.
Sushman hod bharya ghat bheetar, nadoolyaan mein nhaana kya. (3)
Chit chaupad ka khel rachya hai, rang olakh lyo syaaran ka.
Guru gam paasa haath lagya phir, jeeti baaji haaro kya. (4)
Ratlere banda Alakhji ri vaani, har ne likhya so mitna kya.
Sharan Machhendra Jati Goraksh bolya, samajh padi phir digna kya. (5)
FAQs (Hojya hoshiyaar Guranji ke sharanai Bhajan Lyrics):
❓ 1. "Hojya Hoshiyaar Guranji Ke Sharanai" भजन किसका है?
यह भजन Nathpanth परंपरा से जुड़ा है, जिसे गोरक्षनाथ और मच्छेन्द्रनाथ जैसे संतों से जोड़ा जाता है।
❓ 2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
यह भजन आत्मबोध, सतगुरु की शरण, और जीवन की जागरूकता पर केंद्रित है।
❓ 3. क्या यह भजन हिंदी में उपलब्ध है?
हाँ, यह भजन हिंदी लिपि में और इंग्लिश फॉन्ट में दोनों में vishalbhajansangrah.com पर उपलब्ध है।
❓ 4. इसमें “गुरांजी” का क्या अर्थ है?
"गुरांजी" का अर्थ है पूर्ण सतगुरु, जो आत्मा को मार्ग दिखाते हैं।
❓ 5. यह भजन कौन-कौन गाता है?
यह भजन नाथपंथी संत, योगीजन और कई भजन गायकों द्वारा गाया जाता है।
❓ 6. क्या यह भजन भक्ति संध्या या सत्संग में गाया जाता है?
हाँ, यह भजन गूढ़ अर्थों वाला है और सत्संगों में बहुत लोकप्रिय है।
❓ 7. क्या इसे डाउनलोड या कॉपी कर सकते हैं?
हाँ, आप इसे vishalbhajansangrah.com से पढ़ सकते हैं और भक्ति हेतु उपयोग कर सकते हैं।
❓ 8. क्या यह अलख वाणी से जुड़ा हुआ भजन है?
हाँ, यह अलख निरंजन और योगमार्ग से जुड़ी चेतन वाणी है।
❓ 9. क्या इसमें गुरुवाणी का तत्व है?
जी हाँ, पूरा भजन गुरुवाणी के आध्यात्मिक गूढ़ तत्वों से भरा हुआ है।
❓ 10. क्या इसका इंग्लिश ट्रांसलिटरेशन भी उपलब्ध है?
हाँ, bhajan का English font version भी vishalbhajansangrah.com पर उपलब्ध है।
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