क्यूँ गुमान करे काया का मन मेरे भजन लिरिक्स
चेतावानी निर्गुणी भजन लिरिक्स इन हिंदी | सत्संगी भजन लिरिक्स इन हिंदी
क्यूँ गुमान करे काया का मन मेरे
एक दिन छोड़ कर ये जहाँ जाना है
नाम गुरु का सुमिर मन मेरे बावरे
एक दिन छोड़ कर ये जहाँ जाना है।
तूने संसार को तो है चाहा मगर
नाम प्रभु का है तूने तो ध्याया नहीं
मोह ममता में तू तो फँसा ही रहा
ज्ञान गुरु का हिरदय लगाया नहीं
मौत नाचे तेरे सर पे ओ बावरे
एक दिन छोड़ कर ये जहाँ जाना है।
आयेगा जब बुलावा तेरा बावरे
छोड़ के इस जहाँ को जाएगा तू
साथ जाएगा ना एक तिनका कोई
प्यारे रो रो बहुत पछताएगा तू
आज से अभी से लग जा तू राम में
एक दिन छोड़ कर ये जहाँ जाना है।
Telegram Group
Join Now
WhatsApp Group
Join Now
Post Your Comment